केरल का लिंग अनुपात 959 है और गुजरात का 886 है. केरल में साक्षरता 99
प्रतिशत है, गुजरात में 73 प्रतिशत है. केरल की प्रति व्यक्ति आय 63,000 है और
गुजरात की 49,251 है. केरल का शिशु मृत्यु दर प्रति हजार सात है और गुजरात का 31
है. केरल का कुपोषण का दर 28.6 फीसदी है और गुजरात का 44 है. केरल के बच्चों में
पांडु रोग 44.5 फीसदी है, गुजरात में 69.7 फीसदी है. केरल में बाल मजदूरों की
संख्या सिर्फ 26,156 है, गुजरात में साडे तीन लाख है. केरल की आबादी गुजरात से आधी
है. बाल मजदूरों की संख्या गुजरात से आधी होनी चाहिए. प्राथमिक आरोग्य केन्द्रों
की संख्या केरल में 944 है, जब कि गुजरात में 1084 है. गुजरात में 57,841 नागरिकों
के बीच एक पीएचसी है, जब कि केरल में 25,591 नागरिकों के बीच एक पीएचसी है. केरल
में रसीकरण 75 फीसदी है, गुजरात में सिर्फ 45 फीसदी है. अर्थात् गुजरात के 55
फीसदी बच्चों का रसीकरण नहीं होता. गुजरात में संस्थागत प्रसूति 54.6 है, जब कि केरल
में 99.5 है, अर्थात गुजरात में 45 फीसदी प्रसूति घरों में होती है. केरल में
ड्रोप आउट का प्रमाण 0.15 है, गुजरात में 59.29 है.
