नवजोत सिद्धु को लाफ्टर
चेनल में बिभत्स तरीके से हंसने का लाखो रूपया मीलता है. शेरो-शायरी करना, बकवाट
करना, लोगों को किसी भी तरह हंसाना - यही सिद्धु
की सिद्धि है. वह जहां का भी सांसद है, वहां के लोगों की बुद्धिमत्ता पर हमें शक
है. एक बार दो पाकिस्तानी मीमीक्री आर्टीस्ट लाफ्चर चेनल में हमारे भंगी समुदाय को
लेकर अनाप-सनाप बोले थे. सिद्धु सामने बैठकर इस तरह ठहाका मार रहा था, जैसे
पाकिस्तानी आर्टीस्ट उसे गौमूत्र पीला रहे हो. हमारे कुछ उत्साही साथियों ने उसके
खिलाफ अहमदाबाद में एट्रोसीटी एक्ट के तहत केस भी किया था. कल यही सिद्धु गुजरात
में बोला है, "केशुभाई के पक्ष को वोट
देना गौ-मांस खाने बराबर है." आपकी क्या राय है?
केशुभाई पटेल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
केशुभाई पटेल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रविवार, 2 दिसंबर 2012
मंगलवार, 12 जून 2012
कीडा और मलकुंड का डायनेमिक्स
उन्हे कीडे से नफरत है, मगर
मलकुंड की दोस्ती छोडना नहीं चाहते. केशुभाई पटेल, काशीराम राणा, सुरेश महेता जैसे
गुजरात बीजेपी के फोसिलाइज्ड लीडरों से ले कर नीतिश कुमार, शरद यादव तक के लोगों
की यही हालत है. मोदी से बैर, बीजेपी से प्यार. इनका हम क्या करेंगे, यार?
सदस्यता लें
संदेश (Atom)