गुजरात सरकार का
हर सरकारी दस्तावेज चील्ला चील्लाकर कहता है कि, "1991 में भारत सरकार द्वारा शूरू की गई उदारीकरण की नीति के
सुफल गुजरात चख रहा है." तो फिर, भला तुम्हारी
मनमोहन से क्या दुश्मनी है? वह जो काम दिल्ही में कर रहे हैं, वह आप
गांधीनगर में कर रहे हैं. फिर भी आप दिल्ही जाना क्यों चाहते हैं? क्या ताता-बिरला-अंबाणी-मित्तल-एस्सार-अदाणी
के तलवे चाटने में मनमोहन से भी अपने आप को आप ज्यादा कुशल समजते हैं?